जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़ा? आसनसोल नगर निगम के कुल्टी बोरो कार्यालय और दुर्गापुर नगर निगम में पुलिस की छापेमारी, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
*बंगाल मिरर, कुल्टी एवं दुर्गापुर, राजा बंदोपाध्यायः*आसनसोल नगर निगम के कुल्टी बोरो कार्यालय के जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (बर्थ एंड डेथ रजिस्ट्रेशन) विभाग में गुरुवार को कुल्टी थाने की पुलिस ने छापेमारी की। इस कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया। जांच अधिकारियों ने संबंधित विभाग के विभिन्न दस्तावेज, रजिस्टर और अभिलेखों की बारीकी से जांच की। साथ ही कर्मचारियों से पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी जुटाईं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों से संबंधित शिकायतों के आधार पर यह अभियान चलाया गया। जांच के हित में कई दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है।अचानक पुलिस के पहुंचने से कुल्टी बोरो कार्यालय के कर्मचारियों में हलचल मच गई।














आम लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा हुआ है या नहीं।हालांकि, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। पुलिस का कहना है कि सभी दस्तावेजों और सूचनाओं की जांच के बाद ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
राज्यभर में चल रही जांच के तहत दुर्गापुर नगर निगम में भी जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है। दुर्गापुर थाने की पुलिस यह पता लगा रही है कि प्रमाणपत्रों में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता तो नहीं हुई है।राज्य स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर दुर्गापुर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पुलिस के सहयोग से संबंधित दस्तावेज एकत्र कर उनकी जांच कर रहे हैं।
विभिन्न रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है और आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है, तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। जांच पूरी होने तक प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की जाएगी।इधर, राज्यभर में नगरपालिकाओं और पंचायतों में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों में कथित फर्जीवाड़े को रोकने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान पर राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
गुरुवार को आसनसोल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में राजनीतिक स्वार्थ के लिए जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अयोग्य व्यक्तियों के अलावा सीमावर्ती जिलों में रोहिंग्या घुसपैठियों को भी अवैध रूप से प्रमाणपत्र जारी किए गए।अग्निमित्रा पाल ने आगे कहा कि इस तरह की कथित धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल पहले ही महत्वपूर्ण निर्णय ले चुका है। उन्होंने बताया कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की वर्तमान प्रक्रिया और अनुमोदन प्रणाली में जल्द ही बड़े बदलाव किए जाएंगे।

