आसनसोल में मासूम की हत्या का मामला गिरफ्तार आरोपी को लेकर घटनास्थल पहुंची पुलिस, किया गया घटनाक्रम का पुनर्निर्माण
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंद्योपाध्यायः* आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के लोअर छिन्नमस्ता इलाके के तुरीपाड़ा में छह वर्षीय बच्चे की हत्या के मामले की जांच के तहत मंगलवार को पुलिस ने घटनास्थल पर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) किया।आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस के एसीपी (सेंट्रल-1) अब्दुल गफ्फार के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों की टीम गिरफ्तार पड़ोसी शिवनाथ तुरी को उस जंगल में लेकर पहुंची, जहां से छह वर्षीय ऋत्विक रुज का शव बरामद किया गया था। वहां आरोपी ने पुलिस अधिकारियों को पूरी घटना के बारे में बताया कि आखिर क्या हुआ था। अधिकारियों ने उससे कई सवाल पूछे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।














इस दौरान स्थानीय भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।इस संबंध में एसीपी (सेंट्रल-1) ने कहा कि फिलहाल इस मामले में अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती। पूरे मामले की जांच जारी है। आज आरोपी को घटनास्थल पर लाकर जांच के हित में घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया गया।वहीं, भाजपा मंडल अध्यक्ष अंकुर राय ने कहा कि पुलिस आज आरोपी को घटनास्थल पर लेकर आई और पूरे मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखोपाध्याय इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और उन्होंने पुलिस से भी बातचीत की है। हमारी मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द जांच पूरी कर दोषी को कड़ी और मिसाल कायम करने वाली सजा दिलाए।उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई को घर के पास स्थित जंगल से छह वर्षीय ऋत्विक रुज का शव बरामद हुआ था। आसनसोल जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद मिली रिपोर्ट से पुलिस को पता चला कि बच्चे की गला दबाकर हत्या की गई थी। जांच के दौरान 29 जुलाई को पुलिस ने तुरीपाड़ा निवासी और बच्चे के पड़ोसी शिवनाथ तुरी को गिरफ्तार किया।
फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने ही ऋत्विक की गला दबाकर हत्या की थी।हालांकि, 31 जुलाई की शाम जैसे ही यह खबर फैली कि इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, बच्चे के परिजनों और स्थानीय लोगों ने आसनसोल के जीटी रोड स्थित भगत सिंह मोड़ पर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हत्या के आरोपी को उनके हवाले किया जाए ताकि वे स्वयं उसे सजा दे सकें।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मामले की जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाई जाए, वास्तविक दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। सड़क जाम के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित किया।

