Eastern Railway का बड़ा कदम: Asansol – MUMBAI को 3 दिन, Jasidih – Bengaluru को रोजाना चलाने का भेजा प्रस्ताव
पूर्व रेलवे यात्री कमाई का लक्ष्य पूरा करने के लिए लंबी दूरी की अतिरिक्त और क्लोन ट्रेनें चलाने की मांग
बंगाल मिरर, कोलकाता : पूर्व रेलवे (Eastern Railway) के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (Principal Chief Commercial Manager) डॉ. उदय शंकर झा ने रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली के पैसेंजर मार्केटिंग के कार्यकारी निदेशक को एक महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र लिखा है। यह पत्र 10 जुलाई 2025 को जारी किया गया है, जिसमें चालू वित्त वर्ष के दौरान यात्री आय (Passenger Earnings) के भारी-भरकम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रेलवे बोर्ड से तत्काल और निर्णायक सहायता की मांग की गई है।यात्री कमाई का बढ़ा हुआ लक्ष्य और चुनौतियां * पूर्व रेलवे के लिए यात्री आय का लक्ष्य पिछले वर्ष के 3,855.93 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2025-26 के लिए 4,730.34 करोड़ रुपये कर दिया गया है। * हाल के दिनों में लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग-लिस्ट टिकट जारी करने पर कड़ी रोक लगाई गई है, जिसके कारण पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) की कमाई में भारी गिरावट आई है। * इसके अतिरिक्त, वेटिंग-लिस्ट के यात्रियों को यात्रा की अनुमति न मिलने के कारण आरक्षण चार्ट की समयपूर्व तैयारी से भी वर्तमान ट्रैफिक स्तर में कमी आई है।ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और क्लोन ट्रेनें चलाने के प्रस्ताव













बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और सूरत जैसे विभिन्न गंतव्यों के लिए यात्रियों की मांग को देखते हुए पत्र में निम्नलिखित फेरबदल और नई ट्रेनों के संचालन का अनुरोध किया गया है: * साप्ताहिक/त्रि-साप्ताहिक ट्रेनों को दैनिक या अधिक बार चलाने का अनुरोध: * जसीडीह से बेंगलुरु: साप्ताहिक से दैनिक * आसनसोल से मुंबई: साप्ताहिक से त्रि-साप्ताहिक * भागलपुर से बेंगलुरु: साप्ताहिक से त्रि-साप्ताहिक * जसीडीह से पुणे: साप्ताहिक से त्रि-साप्ताहिक * मालदा से सूरत: साप्ताहिक से त्रि-साप्ताहिक *
चयनित गंतव्यों के लिए नई क्लोन ट्रेनों की आवश्यकता: विभिन्न हॉलिडे स्पेशल ट्रेनों के संचालन के अनुभव से यह स्पष्ट हुआ है कि निम्नलिखित मार्गों पर क्लोन ट्रेनों का चलना बेहद आवश्यक है: * हावड़ा – अजमेर * हावड़ा – डिब्रूगढ़ * हावड़ा – देहरादून * हावड़ा – गोरखपुर * भागलपुर – आनंद विहार * मालदा – बेंगलुरु * आसनसोल – अहमदाबाद
प्रवासी मजदूरों की आवाजाही और आपसी समन्वय पर जोर * दिल्ली, अजमेर, अहमदाबाद, डिब्रूगढ़ और देहरादून जैसे गंतव्यों के लिए इन क्षेत्रों से भारी संख्या में प्रवासी मजदूर यात्रा करते हैं, जिसके चलते इन रूटों पर दैनिक आधार पर क्लोन ट्रेन चलाने की निरंतर मांग बनी रहती है। * चूंकि ये सभी ट्रेनें लंबी दूरी तय करती हैं और अंतर-रेलवे (Inter-Railway) क्षेत्र से जुड़ी हैं, इसलिए मार्ग में पड़ने वाले सभी क्षेत्रीय रेलवे और संबंधित पक्षों के बीच उचित समन्वय स्थापित किया जाना अनिवार्य है। * इसके अलावा, यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रेनों में अतिरिक्त एलएचबी कोच (LHB Coaches) जोड़े जाने की भी पुरजोर सिफारिश की गई है, ताकि इस चालू वित्त वर्ष में ही इसका पूरा लाभ उठाया जा सके।


