निजी कोयला खदान में भाजपा का झंडा लेकर विरोध प्रदर्शन
*बंगाल मिरर, जामुड़िया, चरण मुखर्जी एवं राजा बंदोपाध्यायः*प्रदूषण, ओवरलोड कोयला लदे वाहनों के आतंक और स्थानीय लोगों के रोजगार की मांग को लेकर पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल के जामुड़िया स्थित चुरुलिया में निजी तारा कोल माइंस के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। शनिवार को निजी कोयला खदान के गेट के सामने भाजपा का झंडा लगाकर प्रदर्शन किया गया।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निजी कोयला खदान की विभिन्न गतिविधियों के कारण लंबे समय से इलाके के लोग परेशान हैं। खदान से निकलने वाला प्रदूषित पानी अजय नदी में जाकर गिर रहा है।














इससे अजय नदी का पानी प्रदूषित होने के साथ-साथ आसपास के कई गांवों का पानी भी दूषित हो रहा है, ऐसा स्थानीय लोगों का आरोप है। इस मामले को लेकर कई बार कोलियरी प्रबंधन को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है, ऐसा उनका दावा है।स्थानीय लोगों का एक और आरोप है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी और ओवरलोड कोयला लदे वाहन गांव की सड़कों से गुजरते हैं। इससे सड़कों को काफी नुकसान हो रहा है। साथ ही भारी वाहनों के कारण आम लोगों के आवागमन में भी काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
केवल प्रदूषण और सड़क की समस्या ही नहीं, बल्कि स्थानीय गरीब और बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं देने का आरोप भी कोयला खदान प्रबंधन पर लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इलाके में कोयला खदान संचालित होने के बावजूद स्थानीय निवासियों के लिए पर्याप्त रोजगार की व्यवस्था नहीं की जा रही है। ऐसे में एक ओर खदान से कोयला निकाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को समस्याओं का बोझ उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से कई बार मांग किए जाने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इसलिए मजबूर होकर शनिवार को उन्हें विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। प्रदर्शन को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर चुरुलिया फांड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अंततः पुलिस ने ग्रामीणों के साथ चर्चा कर स्थिति को संभाल लिया।अब देखना होगा कि लंबे समय से चली आ रही इन शिकायतों के मद्देनजर कोयला खदान प्रबंधन और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं तथा स्थानीय लोगों की मांगों को किस हद तक पूरा किया जाता है।


