हाल ही में हुई घटना के बाद सख्त कार्रवाई रानीगंज में भाजपा का संगठनात्मक फेरबदल, मंडल-1 कमेटी भंग
*बंगाल मिरर, आसनसोल व रानीगंज, राजा बंदोपाध्यायः* स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले आसनसोल के रानीगंज में भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों के बीच एक घटना को लेकर झड़प हुई थी। उसी घटना को लेकर मंगलवार को रानीगंज थाने में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी बहस भी हुई। इस मामले में पुलिस ने आनंद साउ समेत दो लोगों को हिरासत में लिया।इसके बाद भाजपा के आसनसोल सांगठनिक जिला नेतृत्व ने कड़ा संगठनात्मक कदम उठाया।














मंगलवार को आसनसोल सांगठनिक जिला कार्यालय से एक साथ तीन विज्ञप्तियां जारी कर रानीगंज के पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य के हस्ताक्षर वाली विज्ञप्ति में जिला सचिव या संपादक के पद से बादशा चट्टोपाध्याय को मुक्त करने के साथ-साथ रानीगंज विधानसभा के मंडल-1 की संगठनात्मक जिम्मेदारी से आनंद साउ को भी हटा दिया गया है।इसके अलावा रानीगंज मंडल-1 की मौजूदा कमेटी को भी भंग कर दिया गया है।

नई कमेटी के गठन तक मंडल-1 के संगठनात्मक कार्यों को संचालित करने के लिए जिला नेतृत्व की ओर से एक कोर कमेटी का गठन किया गया है।इस कोर कमेटी का संयोजक देवजीत खान को बनाया गया है। सह-संयोजक की जिम्मेदारी डॉ. राजा भौमिक और शताब्दी चट्टोपाध्याय को दी गई है। कमेटी के सदस्यों में दिनेश सोनी, शंकर साउ, मनु वर्मा, देवाशीष केवड़ा और शोभा देवी यादव शामिल हैं।पार्टी सूत्रों के अनुसार, मौजूदा स्थिति और प्रदेश नेतृत्व की मंजूरी के आधार पर यह संगठनात्मक फैसला लिया गया है।

हालांकि, विज्ञप्ति में कार्रवाई के स्पष्ट कारण का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया है।राजनीतिक हलकों के एक वर्ग के अनुसार, कुछ दिन पहले रानीगंज शहर में भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प की घटना के बाद लिया गया यह फैसला काफी महत्वपूर्ण है।माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर अनुशासन बनाए रखने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिला नेतृत्व ने यह कड़ा कदम उठाया है। मंडल-1 की नई कमेटी गठित होने तक कोर कमेटी किस तरह संगठन का संचालन करती है और रानीगंज में पार्टी की संगठनात्मक एकता कितनी कायम रहती है, अब राजनीतिक हलकों की नजर इसी पर है।


