दो दिवसीय दौरे पर धनबाद पहुंचे प्रधानमंत्री के सलाहकार कल्याणेश्वरी मंदिर में की पूजा, झरिया और BCCL अधिकारियों के साथ करेंगे चर्चा
*बंगाल मिरर, आसनसोल एवं धनबाद, राजा बंदोपाध्याय:* देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर दो दिवसीय (31 अगस्त और 1 सितंबर) महत्वपूर्ण दौरे पर सोमवार को झारखंड के धनबाद पहुंचे। सोमवार और मंगलवार को उनके इस दो दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की कोयला खदानों का निरीक्षण करना है। झरिया क्षेत्र में पिछले कई दशकों से भूमिगत कोयला खदानों में लगी आग की मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास कार्य की उच्चस्तरीय समीक्षा भी की जाएगी।














दौरे की शुरुआत में सोमवार को तरुण कपूर दुर्गापुर के अंडाल स्थित काजी नजरूल इस्लाम हवाई अड्डे पर उतरे। इसके बाद वे सीधे प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कल्याणेश्वरी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में BCCL के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।पूजा-अर्चना के बाद वे मैथन डैम के पास मजूमदार निवास पहुंचे। वहां दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) के परियोजना प्रमुख और उप-महाप्रबंधक ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।

इस दौरान धनबाद के SSP प्रभात कुमार सहित बंगाल और झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा सुरक्षा बलों के जवान मौजूद थे।तरुण कपूर के इस दो दिवसीय दौरे में कोयला और ऊर्जा परियोजनाओं का जमीनी स्तर पर निरीक्षण शामिल है। वे मुनीडीह क्षेत्र में कोल बेड मीथेन (CBM) परियोजना तथा आधुनिक भूमिगत खनन तकनीक ‘लॉन्गवॉल’ परियोजना के कामकाज और प्रगति का निरीक्षण करेंगे।
इसके अलावा एना फायर प्रोजेक्ट (कुस्तौर) के झरिया क्षेत्र में भूमिगत आग से प्रभावित इलाकों का भी तरुण कपूर दौरा करेंगे। वे अत्यंत जोखिम वाले क्षेत्रों में रह रहे स्थानीय निवासियों से भी बातचीत करेंगे।इसके अलावा प्रधानमंत्री के सलाहकार पुनर्वास और झरिया मास्टर प्लान की समीक्षा करेंगे।बेलगड़िया और कर्माटांड़ पुनर्वास क्षेत्रों में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, नवनिर्मित आवासीय कॉलोनियों, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने का भी कार्यक्रम है।
साथ ही झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA) के तहत ‘झरिया मास्टर प्लान’ के क्रियान्वयन और प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी वे करेंगे।कोयला भवन, यानी BCCL मुख्यालय में BCCL और कोल इंडिया के शीर्ष प्रबंधन के साथ कोयला उत्पादन, सुरक्षा मानकों, अवैध कोयला खनन पर रोक और समग्र सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा किए जाने की बात है।
इसके अलावा धनबाद के जिलाधिकारी कार्यालय में जिला प्रशासन, रेलवे, NHAI और टेलीकॉम विभाग के अधिकारियों के साथ अंतर-विभागीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर उच्चस्तरीय समन्वय बैठक भी करेंगे।प्रसंगवश, झरिया क्षेत्र में जटिल भूमिगत आग, भू-धंसाव की चुनौतियों और प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास के स्थायी समाधान के उद्देश्य से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) सीधे जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन कर रहा है, ताकि नीतिगत स्तर पर तेजी से और ठोस निर्णय लिए जा सकें। जानकारों का मानना है कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री के सलाहकार का यह दो दिवसीय दौरा हो रहा है।


