नेहरू की प्रतिमा जंगल में फेंके जाने की घटना में आरोपी अब भी फरार गिरफ्तारी की मांग को लेकर दुर्गापुर में एसडीओ कार्यालय के सामने कांग्रेस का प्रदर्शन
*बंगाल मिरर, दुर्गापुर, राजा बंदोपाध्यायः* देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को क्रेन की मदद से उठाकर जंगल में फेंकने के आरोप को लेकर मंगलवार को एक बार फिर दुर्गापुर में तनाव का माहौल रहा। जंगल से प्रतिमा को निकालकर दोबारा उसके स्थान पर स्थापित कर दिया गया है, लेकिन घटना में शामिल लोगों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी सवाल को उठाते हुए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को दुर्गापुर के अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय के सामने कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया।इससे पहले पार्टी के जिला अध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती के नेतृत्व में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने एक रैली निकाली।














रैली एसडीओ कार्यालय के सामने पहुंचकर समाप्त हुई। इसके बाद वहां प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार को एसडीओ कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।कांग्रेस के जिला अध्यक्ष का आरोप है कि दुर्गापुर इस्पातनगरी के ए-जोन के हर्षवर्धन इलाके में नेहरू की प्रतिमा को क्रेन की मदद से हटाकर पास के जंगल में फेंक दिया गया था।

घटना के बाद प्रशासन की पहल पर प्रतिमा को फिर से उसके पुराने स्थान पर स्थापित कर दिया गया, लेकिन घटना में शामिल आरोपी अभी भी फरार हैं। उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है, इस सवाल को लेकर कांग्रेस ने विरोध जताया है।उन्होंने आगे कहा कि हमने पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया था। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


