आसनसोल के मंदिर में दूसरे राज्य के बस चालक की अस्वाभाविक मौत
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्याय:* आसनसोल के 19 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे मां घाघर बूढ़ी मंदिर परिसर में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना घटी। कोलकाता से आए एक टूरिस्ट बस चालक को अचानक हृदय संबंधी समस्या हुई। बाद में उनकी मौत हो गई। मृत बस चालक की पहचान बिहार के सिवान निवासी विश्वेश्वर पंडित (53) के रूप में हुई है। इस घटना से बस में सवार यात्रियों में दहशत फैल गई।रविवार दोपहर आसनसोल जिला अस्पताल में बस चालक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। घटना की खबर मिलने के बाद बस चालक के परिवार के सदस्य आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचे।













शाम को पुलिस ने शव उनके परिजनों को सौंप दिया।पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोलकाता से यात्रियों को लेकर टूरिस्ट बस रविवार सुबह मां घाघर बूढ़ी मंदिर पहुंची थी। बस के मंदिर परिसर में रुकते ही चालक विश्वेश्वर पंडित ने शारीरिक रूप से अस्वस्थ महसूस किया। कुछ ही पलों में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। सहकर्मियों और यात्रियों के कुछ समझ पाने से पहले ही चालक बेहोश होकर गिर पड़े। इस घटना से उस समय मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलने पर आसनसोल दक्षिण थाना की पुलिस मंदिर पहुंची। इसके बाद बस चालक को आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।इधर, उक्त बस के यात्रियों के साथ मानवता का परिचय देते हुए मंदिर की जिम्मेदारी संभालने वाली कालीपहाड़ी धर्मचक्र सेवा समिति ने मदद का हाथ बढ़ाया। ऐसी स्थिति में समिति के सदस्यों ने एक मिसाल पेश करते हुए सभी यात्रियों के लिए अपनी धर्मशाला में ठहरने और भोजन की व्यवस्था की।
समिति की इस पहल से यात्रियों को काफी राहत मिली। यात्रियों ने समिति और स्थानीय लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पता चला है कि हृदय संबंधी समस्या के कारण बस चालक की तबीयत बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई। इस घटना में अस्वाभाविक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है।

