विकास क्यों नहीं हुआ? तृणमूल नेता की गाड़ी रोककर भाजपा कार्यकर्ता ने पूछे सवाल, वायरल वीडियो
*बंगाल मिरर, सार्थक कुमार दे, दुर्गापुर:* विकास क्यों नहीं हुआ? आपने मेरी नौकरी छीन ली! तृणमूल के पूर्व जिला अध्यक्ष की गाड़ी रोककर भाजपा कार्यकर्ता ने पूछे सवाल। वायरल वीडियो को लेकर इलाके में हलचल। तृणमूल नेता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद।हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में राज्य के साथ-साथ पश्चिम बर्दवान जिले में भी तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। नरेन्द्रनाथ चक्रवर्ती पार्टी के जिला अध्यक्ष थे। वह पार्टी को जीत नहीं दिला सके और खुद भी पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद वह इलाके में ज्यादा नजर नहीं आए।













गुरुवार को वह इलाके में पहुंचे। अंडाल-माधाईगंज रोड के आनंद मोड़ के पास स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता राहुल बनर्जी और उनके कुछ साथियों ने उनकी गाड़ी रोक ली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।भाजपा कार्यकर्ता ने नरेन बाबू से सवाल किया कि आप विधायक भी रहे और पार्टी के जिला अध्यक्ष भी थे, इसके बावजूद इलाके में विकास क्यों नहीं हुआ? सड़कों की हालत इतनी खराब क्यों है?
सवालों के सामने नरेन बाबू को असहज होते देखा गया। उन्होंने कहा कि अब हम सत्ता में नहीं हैं। जो नए विधायक बने हैं, वे निश्चित रूप से विकास का काम करेंगे।इसी दौरान ऋषि मंडल नामक एक अन्य युवक ने नरेन बाबू से कहा, “आपने मेरी नौकरी छीन ली! मैं अभी भी बेरोजगार हूं। इसके लिए आप जिम्मेदार हैं।” हालांकि, नरेन बाबू ने इस आरोप से इनकार किया। इसके बाद उन्होंने गाड़ी का दरवाजा बंद किया और अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इस पर अलग-अलग लोगों ने तरह-तरह की टिप्पणियां कीं। किसी ने कहा कि “डिम थेरेपी” दी जानी चाहिए थी, तो किसी ने टिप्पणी की कि “अब वह अच्छे तृणमूल” हैं।शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ता राहुल बनर्जी से इस संबंध में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि नरेन बाबू लंबे समय तक विधायक और पार्टी के जिला अध्यक्ष रहे। इसके बावजूद उन्होंने इलाके में कोई विकास नहीं किया।
इसी कारण इलाके के लोगों के प्रतिनिधि के तौर पर मैंने उनसे यह सवाल किया था। राहुल बाबू का आरोप है कि नरेन बाबू सवाल का सही जवाब नहीं दे सके।दूसरी ओर, ऋषि मंडल का आरोप है कि वह एक निजी कंपनी में काम करते थे। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर भाजपा के समर्थन में कुछ पोस्ट किए थे। उनका आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद नरेन बाबू के निर्देश पर उनकी नौकरी चली गई।वहीं, इस मामले को लेकर नरेन बाबू की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

