दुर्गा पूजा में साउंड सिस्टम के नियमों पर व्यवसायियों की चिंता, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
*बंगाल मिरर, आसनसोल:* दुर्गा पूजा के दौरान साउंड सिस्टम बजाने को लेकर प्रशासन के दिशा-निर्देशों पर पश्चिम बर्दवान के साउंड व्यवसायियों ने चिंता जताई है। आसनसोल साउंड, लाइट एंड जेनरेटर ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से धादका स्थित संगठन के कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कारोबारियों ने अपनी समस्याओं को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष चंडीचरण मंडल, सचिव संजय राय, सदस्य संतोष चौधरी, स्वर्ण चट्टोराज, दिनेश महतो समेत बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य मौजूद रहे।









कारोबारियों ने कहा कि व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संगठन लगातार प्रयास कर रहा है।व्यवसायियों का कहना है कि डीजे सिस्टम और सामान्य बॉक्स साउंड के बीच अंतर स्पष्ट नहीं होने के कारण उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, डीजे सिस्टम में गानों की मिक्सिंग की जाती है, जबकि सामान्य बॉक्स साउंड में इस तरह की व्यवस्था नहीं होती। इसके बावजूद दोनों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।उन्होंने ध्वनि की निर्धारित 65 डेसिबल सीमा को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।


कारोबारियों का आरोप है कि कई बार साउंड मशीनें जब्त कर ली जाती हैं। वहीं, पूजा कमेटियों की ओर से भी कर्मचारियों पर दबाव बनाए जाने की शिकायत की गई।एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि इस व्यवसाय से जुड़े अधिकांश लोग छोटे कारोबारी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। कारोबार प्रभावित होने या बंद होने की स्थिति में उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है।व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर डीजे और सामान्य बॉक्स साउंड के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित करने तथा कारोबारियों को नियमों के दायरे में अपना व्यवसाय चलाने का अवसर देने की मांग की।


