ASANSOL

देवघर में 293.67 करोड़ रुपये की जसीडीह बाईपास रेल लाइन का उद्घाटन, सांसद ने दिखाई हरी झंडी

*बंगाल मिरर, देवघर, राजा बंदोपाध्याय:* “विकसित झारखंड के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा” थीम के तहत क्षेत्रीय रेल बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को देवघर स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में पूर्व रेलवे की 293.67 करोड़ रुपये की जसीडीह बाईपास रेल लाइन का उद्घाटन किया गया। सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने इस बाईपास रेल लाइन का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे और आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) संग्रह मौर्य उपस्थित थे।इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए डॉ. निशिकांत दुबे की मौजूदगी में पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नवनिर्मित जसीडीह बाईपास लाइन से देवघर से मधुपुर तक एक विशेष ट्रेन चलाई गई।पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे के दूरदर्शी नेतृत्व में निर्मित यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अब पूर्ण परिचालन की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।

यह रेल नेटवर्क के लिए एक्सप्रेस फ्लाईओवर या हाईवे की रिंग रोड की तरह काम करेगी। विश्वस्तरीय सिविल इंजीनियरिंग के माध्यम से निर्मित इस परियोजना में जटिल निर्माण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इनमें बड़े पैमाने पर चट्टानों की कटाई, रोड ओवरब्रिज (आरओबी), रोड अंडरब्रिज (आरयूबी), प्रमुख छोटे पुलों और आधुनिक डिजिटल सिग्नलिंग प्रणाली का निर्माण शामिल है।यह नई रेल लाइन सीधे कुमड़ाबाद, रोहिणी और देवघर को जोड़ती है। जसीडीह मुख्य स्टेशन को पूरी तरह बाईपास करने से इस परियोजना ने इंजन को विपरीत दिशा में ले जाकर दोबारा जोड़ने जैसी थकाऊ और समय लेने वाली प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है।

पहले ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन में लाने के बाद इंजन को खोलकर दूसरी ओर ले जाकर फिर से जोड़ना पड़ता था। इसके बाद अनिवार्य ब्रेक परीक्षण भी करना होता था।यह रेल संपर्क झारखंड और पश्चिम बंगाल के क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने के साथ-साथ इस क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और आवागमन की संभावनाओं को भी बढ़ाएगा।

जसीडीह होकर दुमका और गोड्डा के बीच चलने वाली यात्री और मालगाड़ियों को अब जसीडीह स्टेशन पर परिचालन संबंधी बाधाओं, लंबे समय तक अनावश्यक इंतजार और प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक भीड़ जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।अब प्रतिदिन कम से कम पांच प्रमुख यात्री ट्रेनों के यात्रा समय में कमी आएगी। इससे यात्रियों को अधिक सुगम, तेज और परेशानी मुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन कम से कम दो महत्वपूर्ण मालगाड़ियां मुख्य स्टेशन पर होने वाली भीड़ और परिचालन संबंधी बाधाओं से पूरी तरह बच सकेंगी।

इससे क्षेत्रीय औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, व्यापार में तेजी आएगी और आवश्यक वस्तुओं की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित होगी।समारोह को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने के लिए पूर्व रेलवे को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। इससे ट्रेनों की परिचालन गति में समग्र सुधार होगा और इस क्षेत्र में निर्बाध रेल संपर्क सुनिश्चित होगा।

उन्होंने रेल बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की दूरदर्शी सोच और दिशा-निर्देशों पर भी विशेष जोर दिया।पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायक नेतृत्व और ‘विकसित भारत’ के विजन के तहत पूर्व रेलवे प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने तथा तेज, आधुनिक और भरोसेमंद रेल यात्रा के नए युग की शुरुआत करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।

इसके साथ ही पूर्व रेलवे ने स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय स्कूलों के बीच ‘स्वच्छता’ विषय पर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया। विद्यार्थियों ने इस पहल में काफी उत्साह के साथ भाग लिया। उद्घाटन समारोह के मुख्य मंच पर ही विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए।इस परियोजना के संबंध में पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा कि पूर्व रेलवे बेहतर गति, सुरक्षा और परिचालन उत्कृष्टता के साथ आधुनिक रेल संपर्क का विस्तार करने तथा क्षेत्र के लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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