सिख विद्यार्थियों के गुरमत समर कैंप का आयोजन कि
बंगाल मिरर, आसनसोल: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर एवं तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब की अगवाई में गुरु गोबिंद सिंघ स्टडी सर्किल पूर्वी भारत के सौजन्य से बंगाल बिहार एवं झारखंड के 15 शहरों में विद्यालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में सिख विद्यार्थियों के गुरमत समर कैंप का आयोजन किया गया। 21 मई से लेकर 4 जून तक चार चरणों में धनबाद, गया, पटना, परवलिया, चिनाकुड़ी, आसनसोल, ध्रुप डंगाल, रानीगंज, दुर्गापुर, वर्धमान, उखड़ा बैंडल इन शहरों में कैंप का आयोजन हुआ।













विद्यार्थियों को सिख इतिहास एवं गुरबाणी की शिक्षा देने के लिए धर्म प्रचार कमेटी अमृतसर से प्रचारक विशेष रूप से पहुंचे। इन सभी स्थानों चल रहे कैंप का समापन समारोह दिनांक 5 जून शुक्रवार को गुरुद्वारा साहिब मुर्गा सोल आसनसोल में हुआ । इस समारोह में सभी स्थान के कैंपों में लिखित परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
10वीं एवं 12वीं परीक्षाओं में अधिकतम अंक लेकर सफल हुए मेधावी छात्र एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया।
गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्किल पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ सदस्य के विशेष सौजन्य से उनकी धर्मपत्नी सरदारनी रणजीत कौर जी की मीठी याद में संपूर्ण अनंद साहिब लिखित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें संपूर्ण भारतवर्ष से लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिसमें स्थानीय प्रतिभागियों को गुरुद्वारा साहिब आसनसोल में सम्मानित किया गया । जिसमें परवलिया की निशा कौर, दुर्गापुर के सरदार करनैल सिंघ, प्रभलीन कौर इसके अलावे और 15 प्रतियोगियों को सम्मानित किया गया ।
इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आसनसोल के अध्यक्ष सरदार अमरजीत सिंघ भरारा, दुर्गापुर गुरुद्वारे के अध्यक्ष सरदार चंचल सिंघ, चिनाकुङी के अध्यक्ष सरदार सोहन सिंघ,
मिहिजाम के अध्यक्ष सरदार जगजीत सिंघ, परवलिया के अध्यक्ष सरदार मलकीत सिंघ, पंजाबी मोड़ के सचिव सरदार राजपाल सिंघ, उखड़ा के अध्यक्ष सरदार लखबीर सिंघ, बराकर गुरुद्वारा के सचिव सरदार जतिंदर सिंघ एवं अन्य प्रबंधन समितियां के सदस्य मौजूद थे गुरु गोबिंद सिंघ स्टडी सर्किल पश्चिम बंगाल के सचिव सरदार जसपाल सिंघ ने मंच का संचालन किया
सभी तरह के ईनामों की घोषणा गुरु गोबिंद सिंघ स्टडी सर्किल के पूर्वी भारत के सचिव सरदार गुरविंदर सिंघ ने की। कोषाध्यक्ष सरदार हरदीप सिंघ, सरदार परमजीत सिंघ, सरदार गुरमीत सिंघ, सरदारनी समरजीत कौर, सरदारनी जसवीर कौर, सरदार परविंदर सिंघ, सरदार हरजीत सिंघ, सरदार त्रिलोचन सिंघ, सरदार गुरप्रीत सिंघ, बीबा प्रभजोत कौर, बीबा दीक्षा कौर, बीबा सिमरन कौर, बीबा अंतरजोत कौर, सरदार चरणजीत सिंघ मैं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया


