Durgapur औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर मंथन, उद्योगपतियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक; ADDA की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बंगाल मिरर, दुर्गापुर: पश्चिम बर्दवान जिले में औद्योगिक विकास को नई गति देने और नए निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से गुरुवार को दुर्गापुर के सिटी सेंटर स्थित एक निजी होटल में उद्योगपतियों, उद्यमियों और नवोदित व्यवसायियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। रानीगंज इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड एसोसिएशन (RITA) तथा एसबीएफसीआई (SBFCI) दुर्गापुर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में जिले के 100 से अधिक बड़े उद्योगपति शामिल हुए।बैठक में राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तपस राय, लोक निर्माण (PWD) एवं पीएचई मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार, उद्योग उपमंत्री मौमिता विश्वास मिश्रा, दुर्गापुर के विधायक चंद्रशेखर बनर्जी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की मुख्य सचिव वंदना यादव तथा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता आर. पी. चौधरी ने की।














बैठक के दौरान दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना, निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योग मंत्री तपस राय ने बड़ी संख्या में उद्योगपतियों की उपस्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने के प्रति प्रतिबद्ध है।मुख्य सचिव वंदना यादव ने उद्योगपतियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को स्वीकार करते हुए कहा कि विभाग इन समस्याओं के शीघ्र समाधान का प्रयास करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि ADDA द्वारा औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित अथवा पश्चिम बंगाल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (WBIDC) को हस्तांतरित कई भूखंडों के दस्तावेजों में तकनीकी गड़बड़ियां होने के कारण बड़े उद्योगों को जमीन आवंटित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।विधायक चंद्रशेखर बनर्जी ने ADDA की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जिले में औद्योगिक विकास की सबसे बड़ी बाधा अधिकारियों का अड़ियल रवैया है।
उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।एसबीएफसीआई के महासचिव ने कहा कि पिछले एक-दो दशकों में उद्योगों को लेकर इतनी उच्चस्तरीय बैठक जिले में पहली बार देखने को मिली है, जिससे उद्योग जगत में नई उम्मीद जगी है।बैठक के बाद लोक निर्माण एवं पीएचई मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है और उद्योगपतियों के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने श्याम स्टील के नए संयंत्र की आधारशिला रखी है तथा अमूल के कारखाने का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक जिले में नए उद्योग स्थापित कर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
डॉ. पोद्दार ने यह भी कहा कि लंबे समय से बंद पड़े सार्वजनिक क्षेत्र के कारखानों को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ भी चर्चा जारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग जगत और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से दुर्गापुर एक बार फिर पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।


