ASANSOL

आसनसोल के प्रतिष्ठित महरानी स्थान मंदिर में भक्तिभाव का अद्भुत संगम

*बंगाल मिरर, आसनसोल:*आसनसोल के प्रतिष्ठित एवं प्राचीन मुर्गासाल स्थित महरानी स्थान मंदिर में श्रावण माह की द्वितीय सोमवारी के अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस अंचल की सैकड़ों महिलाएं, जो पूरे सावन माह में प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए मंदिर आती हैं, आज विशेष रूप से मां पार्वती के स्वरूप में सज-धज कर मंदिर पहुंचीं।महिलाओं ने हरे रंग की साड़ियां, हरी चूड़ियां, हाथों में मेहंदी और पूर्ण श्रृंगार धारण कर भगवान भोलेनाथ की शरण में पहुंचकर पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

मां पार्वती के रूप में सुसज्जित महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ एवं मां पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन और धार्मिक नृत्य प्रस्तुत किया।सैकड़ों महिलाओं की एक साथ उपस्थिति, उनकी श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण भजन-कीर्तन ने द्वितीय सोमवारी को पूरे अंचल के लिए मनोरम आकर्षण का केंद्र बना दिया। महिलाओं ने झूमते हुए सावन माह की भक्ति परंपरा को जिस उत्साह और समर्पण के साथ प्रस्तुत किया, वह वास्तव में दर्शनीय और भावविभोर करने वाला दृश्य था।इस धार्मिक आयोजन की चर्चा आज पूरे अंचल में हो रही है।

स्थानीय लोगों ने महिलाओं की इस पहल की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल सोमवारी का महत्व बढ़ता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश भी प्रसारित होता है।उल्लेखनीय है कि महरानी स्थान मंदिर आसनसोल का अत्यंत प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहां प्रत्येक सोमवारी को महिलाएं भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के माध्यम से सावन माह को भक्तिमय स्वरूप प्रदान करती हैं, जो वर्षों से श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। श्रावण की इस द्वितीय सोमवारी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि आसनसोल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जीवंत हैं।

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