ह्यूमनिज्म ने आशा निकेतन के अनाथ एवं दिव्यांग बच्चों के साथ मनाया गया ‘रहमत दिवस’
बंगाल मिरर, आसनसोल: पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ﷺ की शिक्षाओं में निहित रहमत, करुणा और मानवता का संदेश आम करने के उद्देश्य से शैक्षणिक एवं सामाजिक संगठन HUMANISM (ह्यूमनिज्म) की ओर से इस वर्ष ‘रहमत दिवस’ (Compassion Day) आशा निकेतन के अनाथ एवं दिव्यांग बच्चों के साथ मनाया गया।
आसनसोल के नए इंजीनियरों, मेडिकल की डिग्री प्राप्त कर चुके तथा अध्ययनरत छात्रों द्वारा संचालित HUMANISM की ओर से प्रत्येक वर्ष पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ के जन्मदिवस की खुशी में ‘रहमत दिवस’ मनाया जाता है। इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों के बीच खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया जाता है।














इस वर्ष संगठन के सदस्यों ने आसनसोल स्थित प्रसिद्ध अनाथालय आशा निकेतन के बच्चों एवं सदस्यों के साथ समय बिताया। कार्यक्रम के दौरान सभी के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही डिटर्जेंट पाउडर, हैंडवॉश, अगरबत्ती सहित दैनिक उपयोग की विभिन्न सामग्री आशा निकेतन को प्रदान की गई। दिव्यांग बच्चों के लिए रूबी पजल भी उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान आशा निकेतन के प्रभारी शुभाशीष मंडल ने शारीरिक एवं मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों तथा अन्य उपस्थित लोगों को कार्यक्रम के उद्देश्य और रहमत, करुणा एवं मानवता के महत्व के बारे में बताया।
इस मौके पर HUMANISM की सदस्य अरजुमंद जमाल, मुनव्वर जमाल सहित मोहम्मद साहिल, मोहम्मद मुनव्वर, इमरान उस्मानी, स्वीटी और फातिमा समेत संगठन के कई सदस्य मौजूद रहे। सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताया और उनके साथ खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम के लिए HUMANISM के सदस्यों ने विशेष रूप से केक भी तैयार किया। बच्चों के साथ केक काटने के बाद उनके बीच दोपहर का भोजन और उपहार वितरित किए गए। साथ ही आशा निकेतन के लिए आवश्यक दैनिक उपयोग की सामग्री भी सौंपी गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ‘रहमत दिवस’ का उद्देश्य केवल जरूरत की वस्तुओं का वितरण करना नहीं, बल्कि समाज के वंचित, अनाथ और विशेष जरूरत वाले लोगों के प्रति प्रेम, करुणा, सहानुभूति और मानवीय संवेदना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि समाज में मानवता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना ही इस पहल का मूल उद्देश्य है।,


