महिलाओं के समान अधिकार को लेकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कानूनी जागरूकता
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्याय:* महिलाओं के समान अधिकार, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध रोकने तथा आम लोगों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ाने के लिए पश्चिम बर्दवान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority) ने एक अनोखी पहल की।गुरुवार को आसनसोल में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों तक महिला-पुरुष के समान अधिकार और बाल सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।26 अगस्त, बुधवार को वुमेन्स इक्वेलिटी डे यानी महिला समानता दिवस था। लेकिन उस दिन छुट्टी होने के कारण गुरुवार को इस दिवस को ध्यान में रखते हुए यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।














नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पोर्नोग्राफी, बाल विवाह, लड़कियों को शिक्षा के अवसर से वंचित करना समेत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले विभिन्न अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।आयोजकों की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अम्रपाली चक्रवर्ती ने कहा कि संविधान के अनुसार प्रत्येक नागरिक को समान रूप से जीवन जीने का अधिकार है। शिक्षा और अवसर प्राप्त करने के मामले में लड़के और लड़कियों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता। धर्म या लिंग के आधार पर भी किसी के अधिकारों को कम नहीं किया जाना चाहिए। यही संदेश नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाया गया।

इस कार्यक्रम में पश्चिम बर्दवान के जिला जज, आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर, डीसीपी (सेंट्रल) समेत प्रशासन और पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहे।इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा-लीगल वॉलंटियर्स ने भी नुक्कड़ नाटक में हिस्सा लिया। एक स्वयंसेवी संस्था के बच्चों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस जागरूकता अभियान से राहगीर भी प्रेरित हुए।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल का मुख्य उद्देश्य कानून को केवल अदालतों तक सीमित न रखकर समाज के आम लोगों तक पहुंचाना और महिलाओं तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।


