ASANSOL

बदहाल सड़कों, अन्नपूर्णा योजना समेत कई मुद्दों पर मंत्री अग्निमित्रा पाल ने पार्टी और सरकार का रुख किया स्पष्ट

*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्याय:* राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र आसनसोल दक्षिण में कई सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। फुटबॉल मैच, शहर की बदहाल सड़कों, अन्नपूर्णा योजना, विपक्षी नेताओं के बयानों, नंदीग्राम के चंदन रथ हत्याकांड से लेकर अल्पसंख्यक वोट तक उन्होंने अपनी बात रखी।फुटबॉल के मुद्दे पर अग्निमित्रा पाल ने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच मैच होना बेहद खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि फुटबॉल बंगाल के लोगों की धड़कन है। उन्होंने खुद भी मैच देखने जाने की इच्छा जताई।

उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता और समर्थक भी मैच देखने जाएंगे। साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की कि खेल का आनंद शांतिपूर्ण तरीके से लिया जाए। भावनाओं में बहकर कोई अप्रिय घटना न हो।दुर्गापूजा से पहले शहर की विभिन्न सड़कों पर गड्ढों और बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की नाराजगी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर उनका विभाग लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रेलवे और अन्य संबंधित विभागों के साथ नियमित बैठक कर रहा है।

उनका दावा है कि कई खराब सड़कों के लिए टेंडर पहले ही हो चुके हैं। कुछ स्थानों पर जल्द ही काम शुरू होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी इलाके में सड़क खराब होने या गड्ढा होने की स्थिति में नगर एवं शहरी विकास विभाग या उनके सोशल मीडिया पेज पर इसकी जानकारी दें।अन्नपूर्णा योजना के संबंध में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि जो लोग इस योजना के लिए पात्र हैं, उन्हें निश्चित रूप से इसका लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि आवेदन और दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने के लिए कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। जिन लोगों ने पहले ही आवेदन किया है लेकिन अभी तक उन्हें पैसे नहीं मिले हैं, उनसे उन्होंने सेवा सेतु का एनरोलमेंट नंबर उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि नए सिरे से आवेदन लेने के बजाय पहले किए गए आवेदनों की जानकारी की जांच कर पात्र लोगों को लाभ देने का प्रयास किया जाएगा।

हाल ही में सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने आरोप लगाया था कि देश का एक वर्ग नरेंद्र मोदी को भगवान बनाने की कोशिश कर रहा है।इस पर अग्निमित्रा पाल ने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान नहीं मानती। प्रधानमंत्री खुद को देश का सेवक बताते हैं। साथ ही सीपीएम पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा लेनिन या मार्क्स को भगवान नहीं मानती।

उनका आरोप है कि सीपीएम राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने की कोशिश कर रही है।2021 के नंदीग्राम विधानसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी के पैर में चोट लगने की घटना को लेकर शुभेंदु अधिकारी के दावे पर भी अग्निमित्रा पाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर शुभेंदु अधिकारी के पास इलाज से संबंधित दस्तावेज हैं, तो उचित समय पर वह उन्हें आम लोगों के सामने पेश करेंगे। अग्निमित्रा पाल ने दावा किया कि उस समय पैर में फ्रैक्चर नहीं हुआ था और चुनाव में सहानुभूति हासिल करने के लिए चोट के मुद्दे का राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने के दिन ममता बनर्जी व्हीलचेयर से उठकर खड़ी हो गई थीं।उन्होंने कहा कि चंदन रथ हत्याकांड में न्याय होना चाहिए। उन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।अग्निमित्रा पाल ने इस दिन चंदन रथ के साथ अपने पुराने संबंधों को भी याद किया।

उनका दावा है कि परिवार और सहयोगियों के साथ समन्वय में चंदन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। उन्होंने कहा कि पूजा के समय उन्हें चंदन की विशेष रूप से याद आती है।भवानीपुर और नंदीग्राम को लेकर शुभेंदु अधिकारी के बयान के संदर्भ में उन्होंने अल्पसंख्यक वोट को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका आरोप है कि लंबे समय से अल्पसंख्यक समुदाय के बीच भाजपा को लेकर डर का माहौल बनाया गया है।

उन्होंने दावा किया कि सीएए और धार्मिक अधिकारों को लेकर भी विभिन्न तरह का प्रचार किया गया था।अग्निमित्रा का दावा है कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों या मदरसों को लेकर विपक्ष द्वारा जिस तरह की आशंकाएं जताई गई थीं, वैसी स्थिति पैदा नहीं हुई है।उन्होंने तृणमूल के मुस्लिम विधायकों के काम पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में सड़क, साफ-सफाई, जल निकासी और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।अग्निमित्रा पाल ने कहा कि सरकार सभी समुदायों के लिए काम करने की बात कर रही है। उनका लक्ष्य 2047 तक ‘विकसित भारत’ के साथ-साथ ‘विकसित बंगाल’ का निर्माण करना है।

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