ASANSOL

Asansol : हजारों निवेशकों से करोड़ों की ठगी ! पूजा से पहले कार्यालय बंद कर संचालक फरार, पुलिस से कार्रवाई की मांग

बंगाल मिरर, आसनसोल, पश्चिम बर्दवान: पश्चिम बंगाल के आसनसोल में प्रोडक्ट आधारित कंपनी में निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने कंपनी के संचालकों पर 80 से 90 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। दावा है कि आसनसोल से लेकर झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में फैले इस नेटवर्क के जरिए 10 से 12 हजार लोगों से निवेश कराया गया। हालांकि, ठगी की कुल रकम और प्रभावित निवेशकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

शुरुआत में रिटर्न, बाद में बढ़ता गया निवेश का दबाव


पीड़ितों के अनुसार, कंपनी ने करीब एक साल चार महीने तक कारोबार किया और शुरुआती दौर में निवेशकों को रिटर्न भी दिया। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा। आरोप है कि बाद में मॉल खोलने और कारोबार का विस्तार करने के नाम पर निवेशकों से लगातार अतिरिक्त रकम मांगी जाने लगी। पूजा से पहले अचानक कंपनी के कार्यालय बंद हो गए। इसके बाद से संचालकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।


स्थानीय युवक के जरिए निवेश कराने का आरोप


निवेशकों ने संदीप बाउरी नामक एक स्थानीय युवक पर कंपनी में पैसे लगाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उसने अपनी पत्नी के पश्चिम बंगाल पुलिस में कार्यरत होने की बात कहकर उनका विश्वास हासिल किया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


कोलकाता और रूपनारायणपुर के कार्यालय बंद


पीड़ितों के मुताबिक, कोलकाता और रूपनारायणपुर स्थित कंपनी के कार्यालय अचानक बंद कर दिए गए हैं। पिछले करीब 15 दिनों से संचालकों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। निवेशकों ने अनिल, सुशांत दास और साबिर अंसारी समेत कंपनी से जुड़े लोगों के संबंध में भी आरोप लगाए हैं। कंपनी की ओर से प्रोडक्ट बिक्री पर कमीशन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए मुनाफा कमाने का दावा किया जाता था।


बैंकिंग चैनलों से हुआ लेनदेन


निवेशकों का कहना है कि उन्होंने बैंक ट्रांसफर, चेक, यूपीआई, आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए रकम जमा की थी। स्मृति ग्रुप और होली लावा देव समेत विभिन्न नामों पर भुगतान किए जाने का दावा किया गया है। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास लेनदेन से जुड़े बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं।

एसीपी कार्यालय पहुंचकर लगाई गुहार


मंगलवार को ठगी के कथित शिकार लोग आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी, बैंक खातों और संपत्तियों की जांच तथा अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की।


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेशकों की गाढ़ी कमाई आखिर कहां गई? क्या संबंधित बैंक खातों और कथित कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो पाएगा? फिलहाल मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। ठगी की रकम, पीड़ितों की संख्या और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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