हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी आंदोलन पर अड़े दुर्गापुर अदालत के वकील, बुनियादी ढांचे के विकास की मांग
*बंगाल मिरर, दुर्गापुर, राजा बंदोपाध्याय:* हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद काम बंद रखने के साथ-साथ आंदोलन जारी रखने के अपने रुख से दुर्गापुर अनुमंडल अदालत के वकील पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। हाईकोर्ट ने पुराने कोर्ट भवन से नए कोर्ट भवन में अदालत के रिकॉर्ड स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। हालांकि, वकीलों के बैठने के लिए उचित जगह और मुकदमे के सिलसिले में अदालत आने वाले लोगों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे एवं सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार को बार एसोसिएशन ने यह स्पष्ट कर दिया।













इस दिन बार एसोसिएशन की ओर से वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया। वकीलों ने बताया कि गुरुवार को दुर्गापुर अनुमंडल अदालत के वकील आसनसोल जिला अदालत पहुंचेंगे।दुर्गापुर अनुमंडल अदालत बार एसोसिएशन के महासचिव कल्लोल घोष ने बुधवार को कहा कि वकीलों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह और मुकदमे के सिलसिले में अदालत आने वाले लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि अदालत के रिकॉर्ड स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन वकीलों और मुकदमे से जुड़े लोगों के लिए उचित बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
कल्लोल घोष ने आगे कहा कि वकीलों की इन मांगों को जिला अदालत बार एसोसिएशन का भी समर्थन प्राप्त है। आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास होने तक वे अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे।उन्होंने कहा, “यहां से वेकेशन कोर्ट को आसनसोल भेज दिया गया है। लेकिन ऐसा क्यों किया गया, इसकी जानकारी हमें नहीं दी गई। हमने इसका विरोध किया है। आसनसोल अदालत के वकील पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे इस वेकेशन कोर्ट में हिस्सा नहीं लेंगे। हम उनके इस कदम का स्वागत करते हैं। गुरुवार को दुर्गापुर अनुमंडल अदालत के वकील आसनसोल जाएंगे।”
