मृत्यु से पहले का विस्फोटक वीडियो वायरल!’डराकर मुझसे झूठ बुलवाया गया था’ सुंदरा सूत्रधार मामले में पांडवेश्वर में फिर मचा हड़कंप, राजनीतिक विवाद तेज
*बंगाल मिरर, पांडवेश्वर, राजा बंदोपाध्याय:*पश्चिम बर्धमान जिले के पांडवेश्वर के बैद्यनाथपुर (बेलडांगा के हुचुकडांगा) निवासी सुंदरा सूत्रधार की आत्महत्या के मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। इसके साथ ही इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।हाल ही में पांडवेश्वर के वर्तमान भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने सोशल मीडिया पर सुंदरा सूत्रधार के जीवित रहते रिकॉर्ड किया गया एक नया वीडियो सार्वजनिक किया। वायरल हुए इस वीडियो में सुंदरा सूत्रधार यह आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें डराकर, धमकाकर और मानसिक दबाव बनाकर झूठा बयान देने के लिए मजबूर किया गया था। वीडियो में उन्होंने पांडवेश्वर के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के करीबी माने जाने वाले संजय चक्रवर्ती के खिलाफ आरोप लगाए हैं।














इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी मौत के लिए भी संजय चक्रवर्ती को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है। वीडियो सामने आते ही कई महीने पुराना यह मामला फिर से जिले की राजनीति के केंद्र में आ गया है।इस घटना की शुरुआत बांग्ला आवास योजना को लेकर हुई थी। इसी वर्ष फरवरी में पांडवेश्वर के पूर्व विधायक और भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने सोशल मीडिया पर सुंदरा सूत्रधार का एक वीडियो जारी किया था।
उस वीडियो में एक गोशाला को उनका रहने का घर बताकर दावा किया गया था कि सरकारी आवास योजना के पात्र होने के बावजूद उन्हें आवास नहीं मिला है। साथ ही भाजपा की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया था कि सत्ता में आने पर उन्हें सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाएगा।इसके अगले दिन तत्कालीन तृणमूल विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती की ओर से एक दूसरा वीडियो सामने आया। उसमें सुंदरा सूत्रधार यह कहते हुए दिखाई दिए कि उन्होंने पहले वाला वीडियो पैसे लेकर बनाया था।
तृणमूल की ओर से दावा किया गया कि उनके पास पहले से एक पक्का मकान है और नियमों के अनुसार वे सरकारी आवास योजना के लाभ के पात्र नहीं हैं।कुछ दिनों बाद, 28 फरवरी को सुंदरा सूत्रधार का शव उसी गोशाला में फंदे से लटका हुआ मिला, जो पहले चर्चा का विषय बनी थी। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित लोगों ने एक स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ता के घर में तोड़फोड़ भी की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।उस समय इस आत्महत्या को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई थी। मृतक के परिवार और उनके बेटे ने राजनीतिक दबाव तथा जितेंद्र तिवारी की भूमिका को लेकर आरोप लगाए थे।वहीं, घटनास्थल पर पहुंचे तत्कालीन विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने दावा किया था कि अत्यधिक मानसिक अवसाद के कारण यह मौत हुई है।अब जितेंद्र तिवारी द्वारा जारी किए गए नए वीडियो ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
वीडियो में सुंदरा सूत्रधार यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें डराकर, धमकाकर और मानसिक दबाव डालकर अपना पहले का बयान बदलने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने वीडियो में संजय चक्रवर्ती पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अपनी मौत के लिए भी उन्हें जिम्मेदार बताया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सभी पक्षों से मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग तेज हो गई है।हालांकि, वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इसी तरह आरोपों और प्रत्यारोपों को लेकर अब तक किसी जांच एजेंसी या अदालत की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष या निर्देश भी सामने नहीं आया है।दूसरी ओर, संजय चक्रवर्ती, नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती या अन्य आरोपित पक्षों की ओर से वायरल हुए इस नए वीडियो पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।ऐसे में कहा जा सकता है कि सुंदरा सूत्रधार की मौत से जुड़ा यह नया वीडियो पुराने विवाद को एक बार फिर से हवा दे गया है।

