Annapurna Yojna : किसे मिलेंगे ₹3,000, कौन होगा लाभ से बाहर? मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताईं शर्तें
बंगाल मिरर, कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना (Annapurna Yojna) के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹3,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बुधवार को नवान्न में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने योजना के तहत पात्रता और अपात्रता की शर्तों को लेकर विस्तार से जानकारी दी।मुख्यमंत्री ने बताया कि आवेदनों की जांच और सत्यापन का काम अंतिम चरण में है। 17 अगस्त से पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।














कौन महिलाएं होंगी पात्र?-
योजना का लाभ 25 से 60 वर्ष की महिलाओं को मिलेगा।- निर्धारित आय सीमा से अधिक आय वाले परिवारों को योजना से बाहर रखा जाएगा।- जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹12 लाख है, वे पात्र नहीं होंगे।- सात नगर निगम क्षेत्रों में 50 डिसमिल से अधिक जमीन रखने वाले आवेदक योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से जुड़ी शर्तों में कुछ छूट दी गई है।- केंद्र या राज्य सरकार, पंचायत, नगरपालिका अथवा सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में स्थायी नौकरी करने वाले परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।किन्हें मिल सकती है छूट?ठेका श्रमिकों के परिवार के सदस्य योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, 25 से 60 वर्ष की ऐसी महिलाएं जिन्हें ₹3,000 से कम की कोई अन्य सामाजिक पेंशन मिलती है, उन्हें सामान्यतः दोनों राशियां जोड़कर नहीं, बल्कि अन्नपूर्णा योजना की ₹3,000 की राशि दी जाएगी।हालांकि दिव्यांग भत्ता पाने वाली महिलाओं को दोनों लाभ मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही है। इसी तरह पीएम किसान निधि पाने वाले किसानों के परिवार की पात्र महिला सदस्य भी अन्नपूर्णा योजना के ₹3,000 का लाभ ले सकेंगी।तीन कमरों वाले मकान से जुड़ी पात्रता की शर्त में भी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए छूट दिए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी।
17 अगस्त से खाते में पहुंचेगी राशि
मुख्यमंत्री के अनुसार, जिन लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उनके बैंक खातों में राशि भेजी जाएगी। भविष्य में सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों को हर महीने नियमित रूप से सीधे बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि जून में करीब 28 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिला था, जबकि जुलाई में यह संख्या बढ़कर करीब 1.19 करोड़ हो गई। आगामी किस्त में लाभार्थियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।लाभार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए एक शिकायत पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र महिलाओं को सत्यापन प्रक्रिया को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी योग्य लाभार्थियों तक योजना की राशि पहुंचाई जाएगी।


