ED Raid in Andal कांग्रेस नेता और व्यवसायी के घर तलाशी
अंडाल में CRPF जवानों के साथ सुबह-सुबह पहुंची जांच टीम, कई गाड़ियों के काफिले से इलाके में मची हलचल
बंगाल मिरर एस सिंह, अंडाल: पश्चिम बंगाल के खनन क्षेत्र में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हलचल मच गई है। बुधवार सुबह अंडाल के सीएल जामबाद इलाके में दिलीप तुरी नामक एक व्यवसायी के घर पर ED के अधिकारियों ने छापेमारी की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सुबह-सुबह कई गाड़ियों में सवार होकर जांच टीम CRPF जवानों के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद इलाके में चर्चा और लोगों की भीड़ जुटने लगी।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दिलीप तुरी कांग्रेस के स्थानीय नेता होने के साथ-साथ एक NGO से भी जुड़े हुए हैं। इसके अलावा उनका ईसीएल की विभिन्न कोलियरियों और ओपन कास्ट खदानों में एम्बुलेंस तथा अन्य चारपहिया वाहनों को टेंडर के माध्यम से चलाने का कारोबार भी है।



बताया जा रहा है कि झारखंड से एम्बुलेंस लाकर ईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में टेंडर के जरिए सेवाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। इसी कारोबारी गतिविधि को लेकर अब इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, ED की छापेमारी का इस कारोबार से कोई संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।बुधवार तड़के कई बड़ी गाड़ियों के काफिले के साथ जांच टीम के पहुंचने से स्थानीय लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। कुछ ही देर में व्यवसायी के घर के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।










CRPF जवानों की मौजूदगी के बीच जांच अधिकारियों ने घर में तलाशी अभियान चलाया।हालांकि, ED की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस मामले में यह छापेमारी की गई है। तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामान बरामद हुए हैं और दिलीप तुरी से पूछताछ की गई है या नहीं, इसकी भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।ईसीएल की विभिन्न कोलियरियों और ओपन कास्ट खदानों में टेंडर के माध्यम से वाहन सेवाएं उपलब्ध कराने के कारोबार से दिलीप तुरी के कथित जुड़ाव के कारण छापेमारी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।हालांकि, केवल छापेमारी के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को साबित नहीं माना जा सकता। फिलहाल सभी की नजरें ED की जांच और इस कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।

