आईसीडीएस केंद्रों की बदहाल स्थिति को लेकर मंत्री अग्निमित्रा पाल ने उठाई आवाज “शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने से ही बंगाल का विकास होगा”
*बंगाल मिरर, आसनसोल व बर्नपुर, राजा बंदोपाध्याय:* राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र आसनसोल दक्षिण के आसनसोल और बर्नपुर में कई आईसीडीएस या आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में आईसीडीएस केंद्रों की स्थिति को लेकर जमकर आलोचना की।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर पूरे बंगाल में आईसीडीएस केंद्रों के विकास और उन्हें अधिक बेहतर एवं सुविधाजनक बनाने के लिए धनराशि आवंटित की गई है।













आईसीडीएस केंद्रों के माध्यम से 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को सेवाएं दी जाती हैं। बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के साथ-साथ उनकी माताओं को भी भोजन उपलब्ध कराया जाता है।उन्होंने आगे कहा कि देश के भविष्य के विकास में ये बच्चे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वर्ष 2047 में इन बच्चों की उम्र लगभग 25 से 27 वर्ष होगी। इसलिए उनके स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों तक आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब क्यों रही? पिछली सरकार ने इन केंद्रों के विकास की अनदेखी क्यों की?उन्होंने प्राथमिक और उच्च विद्यालयों की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया।
अग्निमित्रा पाल ने शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था को उचित प्राथमिकता नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि पहले अयोग्य लोगों को नौकरी दी गई और बाद में रिश्वत के आरोप सामने आए।मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 के लिए पश्चिम बंगाल को तैयार करना जरूरी है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित बंगाल के बिना विकसित भारत का सपना पूरा करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ ठाकुर और श्री अरविंद जैसे महान व्यक्तित्वों के दौर में पुराना बंगाल नवजागरण और ज्ञान की भूमि के रूप में जाना जाता था। हम उस गौरव को वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं। मंत्री के अनुसार, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किए बिना इस लक्ष्य को हासिल करना संभव नहीं है।इस दिन मंत्री अग्निमित्रा पाल के साथ पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी (डीएम) एस. पोन्नाबलम भी मौजूद थे।

