नाबालिग से यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में कुल्टी का युवक दोषी करार, आसनसोल पॉक्सो अदालत ने सुनाई 20 साल के सश्रम कारावास की सजा
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्याय:* एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए युवक को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। आसनसोल की पॉक्सो अदालत की न्यायाधीश सुपर्णा बंदोपाध्याय ने बुधवार को यह फैसला सुनाया।सजा पाने वाले युवक का नाम कार्तिक बाउरी है। वह आसनसोल के कुल्टी थाना क्षेत्र के मिठानी का निवासी है। अदालत ने 20 साल के सश्रम कारावास के साथ 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त छह महीने के साधारण कारावास का निर्देश दिया गया है।













यह सजा भारतीय दंड संहिता की धारा 376AB और पॉक्सो अधिनियम की धारा 4/6 के तहत दर्ज कुल्टी थाना कांड संख्या 560/2021 के मामले में सुनाई गई है। यह मामला 25 अक्टूबर 2021 का है।घटना के बाद पीड़िता के परिवार की ओर से कुल्टी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्तिक बाउरी को गिरफ्तार किया था।इस मामले के जांच अधिकारी (आईओ) एसआई सुशांत घोष थे।
उन्होंने मामले से जुड़े सभी तथ्यों और सबूतों को एकत्रित कर निर्धारित समय के भीतर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद आरोपी के जेल में रहने के दौरान ही मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और जेल में रहते हुए ही सुनवाई पूरी हो गई।इस मामले में पॉक्सो अदालत में कुल 18 लोगों ने गवाही दी।

