Laxmi Bhandar को लेकर ममता सरकार का बड़ा फैसला, अब दुआरे सरकार का इंतजार नहीं
बंगाल मिरर, आसनसोल : अब से लक्ष्मी भंडार ( Laxmi Bhandar ) के लिए प्रदेश की महिलाओं को दुआरे सरकार कैंप के लिए इंतजार नहीं करना होगा। नवान्न के सूत्रों के अनुसार नवंबर की शुरुआत में ही इस विषय पर एक विज्ञप्ति जारी की गई है। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं बीडीओ दफ्तर में तो शहर की महिलाएं एसडीओ दफ्तर में पूरे साल लक्ष्मी भंडार के फॉर्म भर सकती हैं। वहीं कोलकाता की महिलाएं कोलकाता नगर निगम में जाकर फॉर्म भर सकती हैं। अभी तक दुआरे सरकार में लक्ष्मी भंडार के आवेदन पत्रों को एकसाथ जांच के बाद राशि एकसाथ लाभार्थियों के बैंक खाते में चली जाती थी।














अब से जैसे जैसे आवेदन आएंगे उनकी जांच कर अगर सबकुछ ठीक पाया गया तो लाभार्थियों के उस बैंक खाते में पैसा भेज दिया जाएगा जो आधार के साथ जुड़ा है । इस समय राज्य में एक करोड़ 98 लाख 7 हजार 33 महिलाओं को इस परियोजना के तहत लाभ मिलता है। हालिया दुआरे सरकार शिविर के बाद पता चला है कि और भी 9 लाख 5 हजार 268 महिलाओं को यह सुविधा मिलेगी। इनमे अनुसूचित जाति की 1 लाख 2 हजार 265 तथा अनुसूचित जनजाति की 26 हजार 41 महिलाएं हैं यानी अब इस परियोजना में लाभार्थियों की संख्या 2 करोड़ 7 लाख 42 हजार 301 हो गई है। इस परियोजना के लिए हर साल राज्य सरकार का 1139 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। नए उपभोक्ता जुड़ जाने से यह खर्च 500 करोड़ रुपए बढ़ जाएगा। आपको बता दें कि लक्ष्मी भंडार में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति की महिलाओं 1 हजार तथा अन्य महिलाओं को 500 रुपए मिलते हैं
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