West Bengal

Babul Supriyo का तंज बंगाल की राजनीति में ‘बिजे-मूल’ का उदय !

दल बदल की सुपरफास्ट एक्सप्रेस ने बढ़ाई सियासी गर्मी, विपक्ष भी हुआ कन्फ्यूज

बंगाल मिरर, विशेष संवाददाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां नेताओं की जर्सी बदलने की रफ्तार देखकर क्रिकेट के टी-20 खिलाड़ी भी शर्मा जाएं। कभी जो नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले करते थे, आज वही नए दल में जाकर पुराने साथियों को गले लगाते नजर आ रहे हैं।हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने समिक भट्टाचार्य ने साफ कहा कि पार्टी का “तृणमूलीकरण” नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि कहीं यह “तृणमूल का भाजपाकरण” तो नहीं?राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बंगाल में इन दिनों एक नया फॉर्मूला चल रहा है—”जेल या भाजपा”। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि किसी ने नहीं की है, लेकिन विपक्षी खेमे में इस पर खूब चर्चाएं हैं। जिन नेताओं को कल तक तृणमूल का सबसे बड़ा सिपाही माना जाता था, वे अचानक भाजपा के मंच पर दिखाई दे रहे हैं।

दल-बदल के इस खेल में जनता भी उलझ गई है। कभी तृणमूल से भाजपा, फिर भाजपा से तृणमूल और फिर वापसी भाजपा में—कुछ नेताओं की राजनीतिक यात्रा अब किसी राउंड ट्रिप टिकट जैसी लगने लगी है।इधर तृणमूल और भाजपा के कई नेताओं के आपसी सौहार्द की तस्वीरें भी चर्चा में हैं। कहीं साथ भोजन, कहीं मंच साझा, तो कहीं पुराने विरोधियों का नया दोस्ताना।

ऐसे में आम मतदाता पूछ रहा है—”आखिर असली खिलाड़ी कौन है और किस टीम में है?”राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि यही सिलसिला जारी रहा, तो बंगाल की राजनीति में जल्द ही एक नई पार्टी का जन्म हो सकता है—”बिजे-मूल”। यानी भाजपा और तृणमूल का ऐसा मिश्रण, जिसमें पहचान करना मुश्किल होगा कि कौन किस दल से आया है।फिलहाल जनता दर्शक दीर्घा में बैठी है, खिलाड़ी मैदान बदल रहे हैं और सियासी मैच जारी है। अब देखना यह है कि इस खेल का अगला ट्विस्ट क्या होता है।

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News Editor

Mr. Chandan | Senior News Editor Profile Mr. Chandan is a highly respected and seasoned Senior News Editor who brings over two decades (20+ years) of distinguished experience in the print media industry to the Bengal Mirror team. His extensive expertise is instrumental in upholding our commitment to quality, accuracy, and the #ThinkPositive journalistic standard.

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