Asansol : क्या सताने लगा गिरफ्तारी का डर ? शुरू हुआ इस्तीफा का दौर ! चैताली बोलीं आश्चर्य नहीं
बंगाल मिरर, आसनसोल : क्या राज्य के अन्य हिस्सों की तरह आसनसोल में भीगिरफ्तारी का दौर शुरू होने वाला है इसलिए नगर निगम में खलबली मच गई है और इस्तीफा का दौर शुरू हो गया है । आसनसोल नगर निगम के बोरो नंबर 6 के चेयरमैन और वार्ड 84 के तृणमूल कांग्रेस पार्षद डॉ. देवाशीष सरकार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।













बुधवार को उन्होंने निगम कार्यालय में अपना इस्तीफा पत्र जमा किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ी है और फिलहाल पार्टी में बने रहेंगे।मीडिया से बातचीत में डॉ. सरकार ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने परिवर्तन के पक्ष में जनादेश दिया है और उसी का सम्मान करते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी परिस्थितियां थीं, जो उनके नियंत्रण से बाहर थीं और जिनके कारण वह बोरो चेयरमैन के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर पा रहे थे।
ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों से भी जांच कराने की बात कही
डॉ. सरकार ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले कुछ शिकायतों के आधार पर जांच की मांग की थी और अब उस जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों से भी जांच कराने की बात कही, ताकि सभी तथ्य जनता के सामने आ सकें। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या मामले का नाम लेने से परहेज किया।इधर, उनके इस्तीफे पर आसनसोल नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष चैताली तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उनके अनुसार पिछले 15 वर्षों में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के कारण पार्टी के भीतर भी कई लोग असहज महसूस कर रहे थे।
चैताली तिवारी ने आरोप लगाया कि जनता के विकास और कल्याण के लिए आने वाला पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। उन्होंने कहा कि अब सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर के लोग भी खुलकर सामने आ रहे हैं और अपनी असहजता जाहिर कर रहे हैं।डॉ. देवाशीष सरकार के इस्तीफे के बाद आसनसोल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि उन्होंने पार्टी छोड़ने से इनकार किया है, लेकिन उनके बयान और जांच की मांग को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

