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NUJI राकेश थपलियाल अध्यक्ष चुने गए, राकेश शर्मा महासचिव बने

बंगाल मिरर, विशेष संवाददाता : ’नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के द्विवार्षिक चुनाव में
सभी पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य निर्विरोध निर्वाचित’
नई दिल्ली। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स से संबंदध नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के चुनाव में वरिष्ठ पत्रकार राकेश थपलियाल (दिल्ली) को अध्यक्ष और राकेश शर्मा (जयपुर) को महासचिव चुना गया है। सभी पदाधिकारी और कार्यकारिणी के सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं।


एनयूजेआई के चुनाव अधिकारी अशोक किंकर ने संगठन के मुख्यालय 7 जंतर मंतर रोड, नई दिल्ली पर चुनाव नतीजों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि चुनाव में नामांकन वापसी के बाद बताया कि उपाध्यक्ष पद पर सिलवेरी श्रीशैलम (तेलंगाना), प्रशांत चक्रवर्ती (त्रिपुरा), राजीव नयनम (झारखंड), डॉ. रणेश राणा (हिमाचल प्रदेश) और अरविंद सिंह (उत्तर प्रदेश) निर्विरोध चुने गए हैं। सचिव पद पर अयान मुखर्जी (पश्चिम बंगाल), मयूख गोस्वामी (असम) तथा अनिता चौधरी (दिल्ली) चुने गए हैं। कोषाध्यक्ष पद पर उत्तराखंड के आर. सी. कन्नौजिया निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। इस अवसर पर एनयूजेआई के चुनाव आयोग के अध्यक्ष दधिबल यादव उपस्थित थे।


राष्ट्रीय कार्यकारिणी के चुनाव उत्तर प्रदेश के वीरेन्द्र कुमार सक्सेना, प्रमोद गोस्वामी, कमलकांत उपमन्यु, दिल्ली के मनोज वर्मा, मनोहर सिंह, सीमा किरण, प्रतिभा शुक्ल, उषा पाहवा, सचिन बुधौलिया, सगीर अहमद, डॉ.अशोक बर्थवाल, तेलंगाना की इन्द्राणी सरकार, टी. वेंकट रमाना, केरल के प्रेम जॉन, ओडिशा के अक्षौय साहू, प्रमोद कुमार सामंतराय, कंबुपानी मिश्रा, हिमाचल प्रदेश के  गोपाल दत्त शर्मा,  असम के भूपेन गोस्वामी,  पश्चिम बंगाल के दीपक राय, सोमेश्वर बोराल चुने गए हैं।


एनयूजेआई के अध्यक्ष रास बिहारी ने बताया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य 19-20 सितंबर 2026 को जयपुर में आयोजित होने वाले महाधिवेशन में कार्यभार संभालेंगे। महाधिवेशन में देशभर से दो हजार से ज्यादा सदस्य हिस्सा लेंगे। महाधिवेशन में मीडिया जगत से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेश थपलियाल ने कहा कि एनयूजेआई देश में लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने, मीडिया काउंसिल, मीडिया कमीशन के गठन की मांग कर रहा है। पत्रकारों पर देशभर में हमलों को रोकने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाना आवश्यक हो गया है। 

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