Burnpur Midtown क्लब ने पूर्व महासचिव श्रीकांत प्रसाद साह की सदस्यता की समाप्त
चुनाव लड़ने से रोकने के लिए साजिश : श्रीकांत
बंगाल मिरर, एस सिंह, **बर्नपुर:** बर्नपुर स्थित ‘बर्नपुर मिड टाउन क्लब’ के प्रशासन ने एक कड़ा निर्णय लेते हुए क्लब के पूर्व महासचिव श्री श्रीकांत प्रसाद साह की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है।क्लब के प्रशासक पवन कुमार सिंह द्वारा 30 जून 2026 को जारी किए गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह कार्रवाई 27 जून 2026 को हुई बैठक के कार्यवृत्त (Minutes of Meeting) के आधार पर की गई है।














मुख्य बिंदु: * **आरोपों की पुष्टि:** क्लब की जांच समिति द्वारा श्री श्रीकांत प्रसाद साह के खिलाफ लगाए गए आरोपों/चार्ज को सही पाया गया है। * **सदस्यता और अधिकार:** क्लब के उपनियमों (Bye-laws) के प्रावधानों के तहत, उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसके परिणामस्वरूप, वे अब क्लब की किसी भी गतिविधि में भाग लेने, वोट देने या किसी भी चुनाव में खड़े होने के पात्र नहीं होंगे। * **दस्तावेजों का हस्तांतरण:** प्रशासक ने श्री साह को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्यकाल के दौरान के सभी संबंधित दस्तावेज, रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट और ऑडिट किए गए खातों को 7 दिनों के भीतर क्लब के अध्यक्ष या प्रशासक को सौंप दें।यह क्लब बर्नपुर फुटबॉल स्टेडियम के पास, अपर रोड, पश्चिम बर्धमान में स्थित है। प्रशासन द्वारा जारी यह निर्देश अनुशासनात्मक कार्रवाई का हिस्सा है। गौरतलब है कि श्रीकांत पहले इंटक से जुड़े हुए थे कुछ माह पहले भी भारतीय मजदूर संघ से जुड़े।
इस मामले में श्रीकांत शाह ने कहा मेरे खिलाफ रची गई एक सोची-समझी साजिश है, जिसका उद्देश्य मुझे क्लब का चुनाव लड़ने से रोकना है। क्लब का चुनाव एक सप्ताह के भीतर होने वाला है और ठीक उससे पहले अचानक मुझे क्लब की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया।पिछले 14 महीनों तक एकतरफा और झूठी जांच के नाम पर लगातार षड्यंत्र रचा गया तथा चुनाव से ठीक पहले मुझे निशाना बनाया गया।जब क्लब का संचालन 13 सदस्यीय समिति द्वारा सामूहिक रूप से किया जाता है, तो यदि किसी नियम की अनदेखी हुई है, तो केवल श्रीकांत साह को ही दोषी कैसे ठहराया जा सकता है? यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं, बल्कि पूर्वाग्रह से प्रेरित प्रतीत होती है।

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