कोयला खनन कंपनी सीएमएटी के कर्मी की मौत, शव के साथ प्रदर्शन
बंगाल मिरर, पांडवेश्वर : पांडवेश्वर विधानसभा के सोनपुर बाजारी परियोजना में कोयला खनन का काम करने वाली निजी कंपनी कोल माइंस एसोसिएटेड ट्रेडर्स (सीएमएटी) कंपनी में मंगलवार की सुबह हृदयगति रुकने से चालक 40 वर्षीय सुरेश कुमार नोनिया उर्फ टुलु की मौत हो गई, जो गायघाटा का निवासी था। इस घटना के बाद मृतक के स्वजनों, स्थानीय लोगों और खदान श्रमिकों में भारी आक्रोश फैल गया। सुरेश करीब 14 वर्षों से कोयला खनन करने की संस्था से जुड़ा हुआ है। हादसे के बाद संध्या समय काफी संख्या में स्थानीय लोग सीएमएटी के कार्यालय के समक्ष पहुंच गए एवं जोरदार प्रदर्शन किया, समाचार लिखे जाने तक लोगों का आंदोलन जारी था।














प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद प्रबंधन की ओर से मुआवजे को लेकर कोई संतोषजनक जवाब या स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया। मृतक के स्वजनों को 54 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी थी। अब तक फैसला नहीं हुआ है।
,पुलिस एवं सीआइएसएफ को उतारा गया है। मृतक के भाई अशोक कुमार नोनिया ने कहा कि काम के दौरान उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया। आश्रित को 54 लाख रुपया मुआवजे की मांग की गई है। मृतक के भाई ने कहा कि यहां कंपनी का कोई एंबुलेंस भी नहीं था, जिसके बाद प्राइवेट गाड़ी से ले गए, अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने कहा कि देर से लाया गया, समय पर लाने से जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि मुआवजा 54 लाख मांगा गया, लेकिन कंपनी कभी चार लाख तो कभी सात लाख देने की बात कह रहा है। वहीं तीन हजार रुपया प्रति माह देने को कह रहा है, इस राशि में उनके बच्चे, पत्नी एवं माता-पिता का देखरेख कैसे होगा। हालांकि सीएमएटी के प्रबंधक हीरू बेग से कई बार फोन पर संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं किया।


