आसनसोल नगर निगम की ‘अमृत’ परियोजना के डिज़ाइन में खामियां, नगर विकास मंत्री की बैठक में हुई समीक्षा जल्द सुधार के निर्देश
*बंगाल मिरर, राजा बंद्योपाध्यायः* आसनसोल नगर निगम के विकास कार्यों में तेजी लाने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की योजना के तहत मंगलवार को राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने एक उच्चस्तरीय बैठक की। आसनसोल नगर निगम में आयोजित इस बैठक में राज्य ‘अमृत’ मिशन के निदेशक हसीन जेरा रिज़वी, नव नियुक्त नगर आयुक्त दिलीप मिश्रा सहित नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समग्र स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सामने आया कि परियोजना की योजना और डिज़ाइन संबंधी खामियों के कारण इसके क्रियान्वयन में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हुई हैं।














कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछ जाने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर डिज़ाइन की त्रुटियों के कारण कार्य धीमी गति से चल रहा है।इस पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पिछले वर्षों में करोड़ों रुपये आवंटित किए जाने के बावजूद गलत इंजीनियरिंग और प्रशासनिक लापरवाही के कारण शहर के अनेक लोग आज भी पेयजल सुविधा से वंचित हैं।
उन्होंने सभी योजना और डिज़ाइन संबंधी त्रुटियों की शीघ्र पहचान कर 15 अगस्त तक संशोधित डिज़ाइन को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित मार्च 2027 की समय-सीमा के भीतर पूरी परियोजना का कार्य पूरा किया जा सके।मंत्री ने कहा कि आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था के साथ-साथ ड्रेनेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है।इसके अलावा, आसनसोल के 77 सामुदायिक केंद्रों के संचालन और बुकिंग प्रक्रिया में लंबे समय से चली आ रही वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की घोषणा की गई।
उन्होंने बताया कि नगर निगम की संपत्तियों से राजस्व संग्रह, बाजार एवं होर्डिंग शुल्क तथा सामुदायिक भवनों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने की योजना बनाई गई है।अगले 30 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यह जानकारी नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बैठक के बाद दी।

