आसनसोल नगर निगम के 56 नंबर वार्ड में तालाब का जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया अग्निमित्रा पाल
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्याय:* लंबे समय से उपेक्षा, कचरे और गंदे पानी के प्रदूषण के कारण आसनसोल नगर निगम के 56 नंबर वार्ड के राधानगर रोड स्थित छिन्नमस्ता मंदिर के पास का तालाब बदहाल हो गया था। अब इस तालाब की तस्वीर बदलने के लिए आसनसोल नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया। इस दिन उन्होंने शहर की सफाई और स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाने वाले एक टैब्लो को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में अन्य लोगों के अलावा आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर दिलीप मिश्रा भी मौजूद थे।














तालाब की वर्तमान स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि लंबे समय से स्थानीय लोगों के एक वर्ग द्वारा तालाब के आसपास कचरा फेंका जा रहा था। इसके अलावा विभिन्न घरों का गंदा पानी तालाब में गिरने के कारण तालाब प्रदूषित हो गया था। इसलिए सबसे पहले तालाब के आसपास की सफाई तथा जमा गंदे पानी और गाद-मिट्टी को हटाने का काम शुरू किया गया है।उन्होंने आगे बताया कि इस जीर्णोद्धार कार्य में तीन जेसीबी मशीनें और करीब 100 श्रमिक लगाए गए हैं।

तालाब में गंदा पानी आने के स्रोत की पहचान कर संबंधित पाइप की लीकेज को बंद किया जाएगा। इसके बाद तालाब के चारों ओर पैदल चलने के लिए रास्ता, रेलिंग और रोशनी की व्यवस्था करने की योजना है। भविष्य में यहां बोटिंग की व्यवस्था की जा सकती है या नहीं, इस पर भी विचार किया जाएगा।अग्निमित्रा पाल ने कहा कि काम केवल एक तालाब तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के एक के बाद एक तालाबों की सफाई और उनका जीर्णोद्धार किया जाएगा।
उनके अनुसार, तालाब केवल जलाशय नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के साथ-साथ लोगों के सामाजिक और धार्मिक जीवन से भी इनका महत्वपूर्ण संबंध है। मंत्री ने स्थानीय लोगों को तालाब में कचरा नहीं फेंकने की चेतावनी भी दी।उन्होंने बताया कि आगामी 1 सितंबर से शहर में सड़क पर गंदगी फैलाने, सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने, प्रतिबंधित वन-टाइम प्लास्टिक का इस्तेमाल करने या थूकने जैसी गतिविधियों के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा।
इसी तरह तालाब या जलाशय को गंदा करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि तालाब के जीर्णोद्धार के नाम पर मिट्टी काटकर बेचने या किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।नगर प्रशासन की ओर से बताया गया कि राधानगर के इस तालाब के जीर्णोद्धार के माध्यम से आसनसोल शहर के जलाशयों को नए रूप में विकसित करने के व्यापक अभियान की शुरुआत हुई है।


