Swachh Vayu Sarvekshan 2026 : Asansol 32 वें स्थान पर फिसला, हावड़ा – कोलकाता की बुरी हालत
बंगाल मिरर, आसनसोल: केंद्र सरकार द्वारा जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की ताजा रैंकिंग में पश्चिम बंगाल को करारा झटका लगा है। राज्य के प्रमुख औद्योगिक और महानगरीय शहर वायु गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण प्रबंधन के मामले में कई पायदान नीचे खिसक गए हैं।10 लाख से अधिक आबादी वाले प्रमुख शहरों (कैटेगरी-1) में आसनसोल की रैंकिंग में सबसे भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दो वर्षों से लगातार 20वें स्थान पर काबिज आसनसोल इस बार फिसलकर सीधे 32वें पायदान पर पहुंच गया है।









वहीं, राज्य की राजधानी कोलकाता और औद्योगिक शहर हावड़ा का प्रदर्शन बेहद चिंताजनक रहा। हावड़ा जहां 40वें पायदान पर रहा, वहीं कोलकाता नीचे से महज एक स्थान ऊपर यानी 47वें पायदान पर सिमट गया है। इन आंकड़ों ने राज्य के बड़े शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल नियंत्रण तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




दुर्गापुर और हल्दिया ने दी राहत
महानगरों के लचर प्रदर्शन के उलट राज्य के मध्यम और छोटे शहरों ने उम्मीद की किरण दिखाई है: * दुर्गापुर (3 से 10 लाख आबादी): इस श्रेणी में दुर्गापुर की रैंकिंग में हल्का सुधार देखा गया है। शहर पिछली बार के 37वें स्थान से एक पायदान ऊपर चढ़कर 36वें स्थान पर पहुंच गया है। * हल्दिया (3 लाख से कम आबादी): छोटे शहरों के वर्ग में बंदरगाह शहर हल्दिया ने बेहतरीन छलांग लगाई है। योजनाबद्ध प्रयासों के दम पर हल्दिया 9वें स्थान से सीधे 4 पायदान की बढ़त बनाकर देश भर में 5वें स्थान पर आ गया है।विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े शहरों में निर्माण गतिविधियों की धूल, वाहनों के उत्सर्जन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में ढिलाई के कारण रैंकिंग गिरी है, जिसके लिए नगर निगमों को ठोस कदम उठाने होंगे।


