जहां बनना था कम्युनिटी हॉल, वहां पीपीपी मॉडल पर बना आलीशान गेस्ट हाउस और मार्केट, अब फंस गया कानूनी पेंच
पूर्व पार्षद भी उठा चुकी है इसे लेकर सवाल क्या उसकी भी होगी जांच
बंगाल मिरर, आसनसोल : जितेंद्र तिवारी जब आसनसोल के मेयर थे तब उन्होंने कल्यानेश्वरी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और मैथन आने वाले पर्यटकों के लिए कम खर्च में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वार्ड संख्या 16 में जहां कम्युनिटी हॉल बनाने का पहल शुरू किया था वहीं बीते कुछ वर्षों में आसनसोल नगर निगम ने आलीशान ‘मां कल्याणेश्वरी अतिथि निवास’ का निर्माण पीपीपी मॉडल पर कराया । लेकिन अब यही अतिथि निवास जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद और कानूनी पेच में फंस गया है।














स्थानीय निवासी राजकुमार प्रसाद नुनिया ने अतिथि निवास के लिए इस्तेमाल की गई जमीन पर अपना मालिकाना हक जताया है। उनका दावा है कि देवीपुर मौजा के 1241 नंबर दाग में उनकी कुल 1 बीघा 14 कट्ठा जमीन है और आसनसोल नगर निगम ने उनकी जमीन पर जबरन अतिथि निवास का निर्माण कराया है।राजकुमार प्रसाद नुनिया के अनुसार, उन्हें पहले जमीन का कब्जा दिलाने का निर्देश मिला था। हालांकि कब्जा नहीं मिलने के बाद उन्होंने दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाया।
सोमवार को अदालत की एक टीम उन्हें जमीन का कब्जा दिलाने के लिए पहुंची, लेकिन इस दिन भी उन्हें कब्जा नहीं मिल सका। उनका दावा है कि जिस जमीन पर अतिथि निवास बना है, वह 1241 नंबर दाग की उनकी जमीन है।वहीं, आसनसोल नगर निगम ने इस दावे का विरोध किया है। निगम का कहना है कि अतिथि निवास जिस जमीन पर बनाया गया है, वह अलग दाग नंबर यानी 1/1241 नंबर प्लॉट के अंतर्गत आती है।विवादित जमीन की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए सोमवार को आसनसोल अदालत से नाजिर, BLRO कार्यालय के अधिकारी और अधिवक्ताओं की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान कुल्टी थाना और कल्याणेश्वरी फांड़ी के पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। अदालत के प्रतिनिधियों और BLRO अधिकारियों ने मौके पर जमीन का निरीक्षण करने के साथ ही नक्शे और संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर जमीन की पहचान करने का प्रयास किया।
आसनसोल नगर निगम के अधिवक्ता रबिउल इस्लाम ने बताया कि पूरा मामला फिलहाल सिविल कोर्ट के विचाराधीन है। उनके अनुसार विवाद मुख्य रूप से 1241 नंबर प्लॉट और 1/1241 नंबर प्लॉट की सीमा को लेकर है। अदालत का पूर्व निर्देश 1241 नंबर प्लॉट से संबंधित था, जबकि वर्तमान अतिथि निवास 1/1241 नंबर प्लॉट पर निर्मित है। अदालत के प्रतिनिधि और BLRO अधिकारी जमीन की पहचान के बाद अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करेंगे। अंतिम फैसला आने तक इस मामले में कुछ भी निश्चित रूप से कहना संभव नहीं है।
वहीं अतिथि निवास का संचालक रामचंद्र साव ने कहा कि PPP मॉडल के तहत अतिथि निवास का निर्माण होने के बाद आसनसोल नगर निगम ने इसे संचालन के लिए उन्हें सौंपा है। उनके अनुसार, उनकी जानकारी में यह 1/1241 नंबर दाग की सरकारी परियोजना है। जमीन को लेकर विवाद मूल दावेदार और नगर निगम के बीच है, जिसका फैसला अदालत को करना है।फिलहाल अदालत और BLRO अधिकारियों के निरीक्षण के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। रिपोर्ट आसनसोल अदालत में पेश किए जाने के बाद अदालत के अगले निर्देश से ही यह स्पष्ट होगा कि विवादित अतिथि निवास की जमीन का भविष्य क्या होगा।
गौरतलाब है कि कुछ महीने पहले जब नगरनिगम में कम्युनिटी हॉल को लेकर तृणमूल के पार्षदों के बीच ही खींचतान सी हुई थी तब पूर्व पार्षद सी के रेशमा ने इसी अतिथि निवास को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे।






