आसनसोल के होटल में भाजपा के “कमल” चुनाव चिन्ह को लेकर विरोध, हटाने की मांग पर प्रदर्शन, अनुमति को लेकर उठे सवाल
*बंगाल मिरर, आसनसोल, राजा बंदोपाध्याय:* आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर में जीटी रोड स्थित कमल होटल के बोर्ड पर भाजपा का चुनाव चिन्ह “कमल” लगाए जाने को लेकर मंगलवार को विवाद खड़ा हो गया। होटल में भाजपा के प्रतीक के इस्तेमाल के विरोध में पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने वहां प्रदर्शन किया। उनका दावा है कि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के परिसर में राजनीतिक दल के प्रतीक का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही होटल प्रबंधन से उक्त प्रतीक को हटाने की मांग की गई।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, फतेहपुर इलाके में लंबे समय से कमल होटल नामक यह व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद है। आरोप है कि हाल ही में होटल परिसर और बोर्ड पर भाजपा का प्रतीक लगाया गया था। मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसे लेकर आपत्ति जताई गई।













मंगलवार को इसे लेकर प्रदर्शन शुरू होने के बाद होटल परिसर में कुछ समय तक चर्चा और बहस की स्थिति बनी रही।स्थानीय भाजपा नेता बिरजू यादव के नेतृत्व में कुछ समर्थक होटल परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने भाजपा का प्रतीक लगाए जाने को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों की ओर से कहा गया कि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के साथ इस तरह किसी राजनीतिक दल के प्रतीक को जोड़ने पर आपत्ति है। उन्होंने होटल प्रबंधन से प्रतीक को हटाने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान होटल में लगाए गए भाजपा के चुनाव चिन्ह को ढक दिया गया।
घटना को लेकर वहां मौजूद लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा होती रही।स्थिति को लेकर चर्चा के बाद होटल मालिक कमल माजी की ओर से बताया गया कि होटल परिसर में लगाया गया भाजपा का प्रतीक बुधवार को हटा दिया जाएगा। इसके बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में आ गई। हालांकि, किस उद्देश्य से होटल परिसर में उक्त प्रतीक लगाया गया था, इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।इसी के साथ सवाल उठने लगा है कि किसी राजनीतिक दल के प्रतीक को किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में इस्तेमाल करने के लिए संबंधित पार्टी से अनुमति ली गई थी या नहीं।
इसी मुद्दे को लेकर भाजपा के अंदर भी चर्चा शुरू हो गई है।पूरे मामले पर भाजपा के आसनसोल जिला महासचिव प्रशांत चक्रवर्ती ने कहा कि यह जांच करना जरूरी है कि पार्टी की अनुमति के बिना किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान या अन्य किसी काम में भाजपा के चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल किया गया है या नहीं। उनके अनुसार, पार्टी के प्रतीक के इस्तेमाल के मामले में निर्धारित नियम और अनुमति महत्वपूर्ण हैं।प्रशांत चक्रवर्ती ने आगे कहा कि पार्टी की ओर से मामले की जानकारी ली जाएगी। यदि अनुमति के बिना भाजपा के चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल किया गया है, तो आवश्यक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। यानी प्रतीक के इस्तेमाल के लिए पार्टी की अनुमति थी या नहीं, यही अब महत्वपूर्ण सवाल बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति या संस्था के नाम में ‘भाजपा’ शब्द या कोई सामान्य शब्द होने मात्र से उसे सीधे राजनीतिक दल से नहीं जोड़ा जा सकता। हालांकि, यदि भाजपा का विशिष्ट चुनाव चिन्ह किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में इस्तेमाल किया गया है, तो यह जरूर जांचना होगा कि उसका इस्तेमाल किस तरह और किसकी अनुमति से किया गया।फतेहपुर के कमल होटल में भाजपा का चुनाव चिन्ह लगाए जाने और इसे लेकर हुए विरोध के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान में राजनीतिक दल के प्रतीक के इस्तेमाल की प्रासंगिकता पर जहां सवाल उठे हैं, वहीं पार्टी की अनुमति के बिना प्रतीक के इस्तेमाल की संभावना को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।हालांकि, राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद भाजपा का प्रतीक किस कारण से लगाया गया था और इसके पीछे कोई विशेष उद्देश्य था या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। साथ ही पार्टी की अनुमति ली गई थी या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है।

