दुर्गापुर में नए अदालत भवन को शुरू करने की मांग पर वकीलों का प्रदर्शन
*बंगाल मिरर, दुर्गापुर, राजा बंदोपाध्याय:* पश्चिम बर्दवान जिले के दुर्गापुर महकमा अदालत के नए भवन को जल्द शुरू करने की मांग को लेकर वकील एक बार फिर मुखर हुए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा पुराने अदालत भवन की हालत बेहद जर्जर है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।वकीलों का आरोप है कि दुर्गापुर महकमा अदालत के प्रवेश मार्ग पर बनी गार्डवॉल जर्जर हो चुकी है और उससे प्लास्टर के टुकड़े गिर रहे हैं। निचली और ऊपरी मंजिल पर विभिन्न सरकारी कार्यालय होने के कारण यहां हमेशा भीड़ लगी रहती है। मुख्य प्रवेश द्वार की कंक्रीट गार्डवॉल भी टूट चुकी है।













वकीलों ने आशंका जताई है कि पैर फिसलने पर कोई व्यक्ति बेसमेंट में गिरकर अपनी जान तक गंवा सकता है। ऐसे हालात में जजों से लेकर वकीलों और मुकदमे के लिए आने वाले लोगों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।इससे पहले भी इसी समस्या को लेकर वकीलों ने बाइक लगाकर प्रवेश मार्ग को अवरुद्ध करते हुए सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया था। नया भवन बनकर तैयार है, फिर भी उसे शुरू नहीं किया जा रहा है।
दूसरी ओर, नया अदालत भवन बनकर तैयार होने के बावजूद अभी तक उसे चालू नहीं किया गया है। सोमवार को ही दुर्गापुर पूर्व के विधायक चंद्रशेखर बंद्योपाध्याय, दुर्गापुर पश्चिम के विधायक लक्ष्मण घड़ुई और रानीगंज के विधायक पार्थ घोष वकीलों के साथ नए कोर्ट भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। भवन का गेट खोलते ही वहां सांप घूमते हुए दिखाई दिए। अंदर के विभिन्न हिस्सों में पानी जमा है।
इस जमा पानी के कारण नए अदालत भवन के महंगे फर्नीचर खराब हो रहे हैं। भवन के विभिन्न हिस्सों से प्लास्टर के टुकड़े गिरने की घटनाएं भी सामने आईं।विधायकों का भी कहना है कि पुराने अदालत भवन की मौजूदा स्थिति बेहद खराब है और कभी भी हादसा हो सकता है। ऐसे हालात में वकीलों को काम करना पड़ रहा है, जो बेहद परेशानी भरा है।
दुर्गापुर बार एसोसिएशन के वकीलों की स्पष्ट मांग है कि नए भवन की तत्काल मरम्मत कर उसे शुरू किया जाए। पुराने भवन में अब न्यायिक कार्य चलाना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री और कानून मंत्री से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि जल्द से जल्द नए अदालत भवन को आम लोगों और वकीलों के इस्तेमाल के लिए खोल दिया जाए।

